पीरियड्स में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

Dr. Shachi SinghFeb 13, 2026
Woman choosing between healthy fruits and junk food while holding water and a clock, representing diet choices during the menstrual period.

महिला स्वस्थ और अस्वस्थ भोजन के बीच चयन करती दिख रही है पीरियड्स के दौरान।

मासिक धर्म यानी पीरियड्स महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक और नियमित हिस्सा है। इस दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, खासकर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में उतार-चढ़ाव आता है। इसके कारण पेट दर्द, सूजन, थकान, मूड स्विंग्स, सिरदर्द, भूख में बदलाव और कभी-कभी उलझन या कमजोरी महसूस हो सकती है। सही खान-पान इन लक्षणों को काफी हद तक कम कर सकता है। संतुलित और पोषक आहार लेने से न केवल दर्द और थकान कम होती है, बल्कि शरीर को आवश्यक पोषण भी मिलता है, जो रक्तस्राव के दौरान जरूरी होता है।

पीरियड्स के दौरान शरीर में क्या बदलाव होते हैं

  • हार्मोनल बदलाव के कारण शरीर में सूजन और पानी रुकना
  • गर्भाशय की मांसपेशियों के संकुचन से पेट दर्द और ऐंठन
  • रक्तस्राव के कारण आयरन की कमी का जोखिम
  • सेरोटोनिन के स्तर में बदलाव से मूड स्विंग्स
  • थकान और कमजोरी

इन बदलावों को संतुलित करने में सही भोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पीरियड्स में क्या खाना चाहिए?

1.) आयरन से भरपूर भोजन

पीरियड्स के दौरान रक्तस्राव होने से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है, जिससे एनीमिया, चक्कर और थकान हो सकती है।

  • पालक, मेथी, सरसों का साग
  • चुकंदर
  • अनार
  • गुड़
  • राजमा, चना, मसूर दाल
  • किशमिश और खजूर

आयरन के साथ विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे नींबू, आंवला और संतरा लेने से आयरन का अवशोषण बेहतर होता है।

2.) मैग्नीशियम युक्त भोजन

मैग्नीशियम मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद करता है और ऐंठन कम करता है।

  • कद्दू के बीज
  • बादाम
  • मूंगफली
  • केला
  • डार्क चॉकलेट सीमित मात्रा में

3.) ओमेगा-3 फैटी एसिड

यह सूजन और दर्द कम करने में सहायक होता है।

  • अखरोट
  • अलसी के बीज
  • चिया सीड्सवसायुक्त
  • मछली जैसे सैल्मन (यदि सेवन करती हों)

4.) प्रोटीन युक्त भोजन

प्रोटीन शरीर की ऊर्जा बनाए रखने और हार्मोन संतुलन में सहायक होता है।

  • दालें
  • पनीर
  • दही
  • अंडा
  • सोया उत्पाद

5.) फाइबर युक्त भोजन

फाइबर पाचन को बेहतर करता है और हार्मोन संतुलन में मदद करता है।

  • साबुत अनाज
  • ओट्स
  • ब्राउन राइस
  • फल और सब्जियां
Woman eating fiber-rich fruits and leafy vegetables with fresh juices, promoting digestive health and hormonal balance during the menstrual cycle.

मासिक धर्म में फाइबर युक्त फल और हरी सब्जियां खाती महिला।

6.) पानी और तरल पदार्थ

डिहाइड्रेशन से सिरदर्द और थकान बढ़ सकती है।

  • पर्याप्त पानी
  • नारियल पानी
  • छाछ
  • हर्बल चाय जैसे अदरक या कैमोमाइल

7.) कैल्शियम और विटामिन डी

ये मूड स्विंग्स और दर्द कम करने में सहायक हो सकते हैं।

  • दूध और दही
  • तिल
  • पनीर
  • धूप में समय बिताना

पीरियड्स में क्या नहीं खाना चाहिए?

1.) अधिक नमक वाला भोजन

  • चिप्स
  • पैकेज्ड स्नैक्स
  • अचार अधिक मात्रा में

नमक शरीर में पानी रोकता है जिससे सूजन और भारीपन बढ़ सकता है।

2.) अत्यधिक मीठा

  • केक
  • पेस्ट्री
  • मीठे पेय

मीठा ब्लड शुगर में तेजी से उतार-चढ़ाव करता है, जिससे मूड स्विंग्स और थकान बढ़ सकती है।

3.) ज्यादा कैफीन

  • कॉफी
  • एनर्जी ड्रिंक

कैफीन चिंता, नींद की समस्या और स्तनों में संवेदनशीलता बढ़ा सकता है।

4.) अत्यधिक तला और जंक फूड

  • बर्गर
  • पिज्जा
  • फ्रेंच फ्राइज

इनमें ट्रांस फैट और अधिक नमक होता है, जो सूजन बढ़ा सकता है।

5.) अल्कोहल

  • यह शरीर को डिहाइड्रेट करता है
  • दर्द और मूड में बदलाव बढ़ा सकता है

पीरियड्स में दर्द कम करने के लिए आहार संबंधी टिप्स

  • दिन में छोटे-छोटे और संतुलित भोजन लें
  • ज्यादा देर भूखे न रहें
  • गर्म सूप या हल्का भोजन लें
  • अदरक और हल्दी का सीमित उपयोग सूजन कम करने में मदद कर सकता है
  • प्रोबायोटिक जैसे दही पाचन सुधारते हैं

अगर पीरियड्स बहुत ज्यादा दर्दनाक हों

  • अत्यधिक रक्तस्राव
  • हर महीने असहनीय दर्द
  • चक्कर आना या बेहोशी
  • पीरियड्स का अनियमित होना

ऐसी स्थिति में केवल आहार बदलना पर्याप्त नहीं है। यह एंडोमेट्रियोसिस, पीसीओएस, फाइब्रॉइड या हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है। ऐसे में स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

Woman consulting a gynecologist for menstrual pain and period-related problems during a clinical visit, discussing symptoms and treatment options.

महिला पीरियड्स की समस्या के लिए गायनेकोलॉजिस्ट से परामर्श ले रही है।

पीरियड्स के दौरान सही भोजन शरीर को संतुलित रखने, दर्द कम करने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। आयरन, मैग्नीशियम, प्रोटीन और फाइबर युक्त संतुलित आहार लेना चाहिए, जबकि अत्यधिक नमक, मीठा, कैफीन और जंक फूड से बचना चाहिए। हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए अपने लक्षणों के अनुसार आहार में बदलाव करना बेहतर होता है। यदि लक्षण गंभीर हों या लंबे समय तक बने रहें, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

अगर आपको पीरियड्स के दौरान अत्यधिक दर्द, अनियमित मासिक धर्म, ज्यादा रक्तस्राव या हार्मोनल समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। सही समय पर विशेषज्ञ सलाह लेना आपके दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। डॉ. शाची सिंह, विशेषज्ञ प्रसूति विज्ञान, स्त्री रोग एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, आपकी समस्या का सटीक निदान और आधुनिक उपचार प्रदान करती हैं। स्वस्थ और संतुलित जीवन की ओर पहला कदम बढ़ाएं और आज ही अपनी परामर्श अपॉइंटमेंट बुक करें।

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